Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»वेतन के लिए तरस रहे निकायों में कर्मचारी
    मध्यप्रदेश

    वेतन के लिए तरस रहे निकायों में कर्मचारी

    By August 5, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    वेतन के लिए तरस रहे निकायों में कर्मचारी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल । प्रदेश सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति में कटौती का असर अधिकारियों-कर्मचारियों पर पड़ रहा है। नगरीय निकायों में वेतन बांटने में पसीने छूट रहे हैं। करीब 250 से अधिक नगरीय निकाय तो ऐसे हैं जहां कई महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। दरअसल, पिछले कुछ सालों से प्रदेश के नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति खराब चल रही है। इस कारण कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ रहे हैं।
    प्रदेश के नगरीय निकायों की माली हालात दिन पर दिन खराब होती जा रही है। दरअसल, तमाम कोशिशों के बावजूद ये अपनी राजस्व का कोई ठोस तरीका नहीं निकाल पा रहे हैं। राज्य में कुल 418 निकाय हैं। वेतन संकट बने रहने का मुख्य कारण निकायों की बढ़ती संख्या, उन्हें मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में कटौती और मुद्रण शुल्क में कमी के साथ निकायों में खर्च ज्यादा और वसूली कम होना है। इससे कर्मचारियों को 6-6 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। घाटे से उबरने के लिए निकाय अध्यक्षों ने सरकार से विशेष पैकेज और चुंगी क्षतिपूर्ति के साथ स्टांप ड्यूटी राशि बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 तक निकायों के सीमा क्षेत्र में जो निजी संपत्ति खरीदी और बेची जाती थी, उसमें लगने वाले स्टांप ड्यूटी का दो प्रतिशत निकायों को मिलता था। वर्ष 2020 में सरकार ने यह ड्यूटी घटाकर एक प्रतिशत कर दी। इससे निकायों को स्टांप ड्यूटी से आय आधी हो गई।

    इस कारण निकायों की आर्थिक स्थिति हुई खराब


    प्रदेश के नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कई कारण हैं। मप्र में चुंगी क्षतिपूर्ति का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सरकार प्रतिवर्ष करती है। प्रदेश में 378 नगरीय निकायों को वर्ष 2019 तक 324 करोड़ रुपए आवंटित होते थे। वर्ष 2020 में घटाकर 300 करोड़ रुपए कर दिए गए। सरकार ने व्यवस्था की थी कि प्रति वर्ष चुंगी क्षतिपूर्ति की दस फीसदी राशि बढ़ाई जाएगी। पिछले 14 वर्षों में निकायों की संख्या 418 हो गई है, फिर भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि नहीं बढ़ी। यांत्रिकी प्रकोष्ठ के नाम पर भी 60 करोड़ की कटौती हो गई। निकायों की एक बड़ी कमाई का जरिया तहबाजारी था। सरकार ने विधानसभा चुनाव से तीन माह पहले तहबाजारी बंद कर दी। बाद में यह भी निर्णय लिया गया कि तहबाजारी साल में एक बार ली जाएगी। आदेश जारी नहीं होने से कारोबारी अब न तो हर दिन तहबाजारी दे रहे हैं और न ही साल में एक बार दे रहे हैं। इससे भोपाल, इंदौर निकाय को साल भर में 50 से 60 करोड़ हर साल और छोटे निकायों को दो से 30 करोड़ रुपए तक मिलते थे।

    निकायों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब


    नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। कुछ इसी तरीके की स्थिति ग्राम पंचायतों की भी बनी हुई है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से जो राशि नगरीय निकायों और ग्राम पंचायत के लिए उपलब्ध कराती है। उस राशि पर राज्य सरकार का नियंत्रण और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा नियंत्रण और निर्णय लिए जाने के कारण पंचायती निकाय एवं नगरी निकाय संस्था लगातार कमजोर होती चली जा रही हैं। स्थानीय निकायों के खर्च और नगरीय निकाय के निर्णय लेने पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। मप्र जैसे राज्य में जब चुंगी खत्म की गई थी, उस समय नगरीय निकायों को आर्थिक क्षतिपूर्ति दिए जाने का एक सिस्टम बनाया गया था। सीएमओ नपा ब्यावरा रईस खान का कहना है कि हमारे यहां पिछले तीन माह से कर्मचारियों को वेतन लेट मिल रहा है। इसकी मुख्य वजह है कि सरकार ने पिछले वर्ष एक करोड़ 65 लाख रुपए कटोत्रा कर लिया था। इससे कर्मचारियों को देरी से वेतन मिल रहा है। इस बात की जानकारी सरकार को भी दी गई है। अध्यक्ष मध्य प्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ सुरेन्द्र सोलंकी का कहना है कि राजगढ़, आगर सहित करीब ढाई सौ निकायों में कर्मचारियों के वेतन तीन से 6 माह तक लेट मिल रहा है। निकायों को स्टांप ड्यूटी सहित अन्य उनके हक का भी पैसा नहीं मिला रहा है। नई नगर पंचायतों के बनने आर्थिक भार बढ़ रहा है, वहीं कंपनसेशन की राशि कम हो रही है। नगर पालिका अध्यक्ष परासिया जिला छिंदवाड़ा विनोद मालवीय का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न नगर परिषद और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति लगातार खराब हो रही है। ऐसे में सैकड़ों कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ रहे हैं। चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि भी पर्याप्त नहीं मिल रही है। निकायों को बंद होने से बचाने के लिए राज्य सरकार से विशेष पैकेज देने की लगातार मांग की जा रही है।

    Related Posts

    समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना है पुल – मंत्री टंक राम वर्मा….

    March 15, 2026

    गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    March 15, 2026

    छत्तीसगढ़ में बॉक्सिंग के विस्तार की बड़ी पहल, जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभा खोज अभियान चलेगा

    March 15, 2026

    बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    March 15, 2026

    सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    March 15, 2026

    वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दें जोर: वन मंत्री कश्यप….

    March 14, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना है पुल – मंत्री टंक राम वर्मा….

    March 15, 2026

    गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    March 15, 2026

    छत्तीसगढ़ में बॉक्सिंग के विस्तार की बड़ी पहल, जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभा खोज अभियान चलेगा

    March 15, 2026

    बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    March 15, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.