Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»देश»SpaDeX मिशन: इसरो ने PSLV-C60 लॉन्च कर रचा इतिहास, भारत बना चौथा देश
    देश

    SpaDeX मिशन: इसरो ने PSLV-C60 लॉन्च कर रचा इतिहास, भारत बना चौथा देश

    News DeskBy News DeskDecember 31, 2024No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    SpaDeX मिशन: इसरो ने PSLV-C60 लॉन्च कर रचा इतिहास, भारत बना चौथा देश
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    श्रीहरिकोटा। इसरो ने अपना महात्वाकांक्षी स्पैडेक्स मिशन लॉन्च कर दिया है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार रात 10 बजे इसे लॉन्च कर दिया। इस मिशन के साथ भारत फिर कमाल करने की तैयारी में है। इसरो ने इस साल की शुरुआत अंतरिक्ष में एक्सरे किरणों का अध्ययन करने वाले मिशन एक्सपोसेट की लॉन्चिंग के साथ की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद अपने पहले सूर्य मिशन 'आदित्य' में कामयाबी हासिल की।

    अब वर्ष का अंत भी भारत ऐसे मिशन की लॉन्चिंग के साथ कर रहा है, जो अंतरिक्ष में देश के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को अपने बलबूते हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है। इन लक्ष्यों में चंद्रमा से नमूने लाना, और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का निर्माण शामिल है।

    इस मामले में बनेगा दुनिया का चौथा देश
    स्पैडेक्स मिशन के साथ ही भारत डाकिंग और अनडाकिंग क्षमता प्रदर्शित करने का चौथा देश बनेगा। इस समय दुनिया में सिर्फ तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन अंतरिक्षयान को अंतरिक्ष में डाक करने में सक्षम हैं। बता दें कि अंतरिक्षयान से दूसरे अंतरिक्षयान के जुड़ने को डाकिंग और अंतरिक्ष में जुड़े दो अंतरिक्ष यानों के अलग होने को अनडाकिंग कहते हैं।

    मिशन के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार रात 10 बजे पीएसएलवी-सी60 रॉकेट ने दो छोटे अंतरिक्षयानों के साथ उड़ान भरी। हालांकि पहले लांचिंग रात 9.58 बजे निर्धारित थी। लांचिंग को दो मिनट के लिए क्यों टाला गया यह जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले इसरो ने सोमवार को अपडेट में कहा था, 'प्रक्षेपण का दिन आ गया है। रात ठीक 10 बजे स्पैडेक्स पीएसएलवी-सी60 प्रक्षेपण के लिए तैयार है। रविवार रात नौ बजे शुरू हुई 25 घंटे की उल्टी गिनती जारी है।'

    बेहद महत्वपूर्ण है यह मिशन
    यह भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए महत्वपूर्ण तकनीक।
    अंतरिक्ष में डाकिंग के लिए यह किफायती प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन।
    चंद्रमा पर इंसान को भेजने, चांद से नमूने लाने के लिए आवश्यक।
    भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण और संचालन में भी होंगे आत्मनिर्भर।
    किसी मिशन के लिए एक से अधिक रॉकेट लांच करने पर भी होगी इस तकनीक की जरूरत।

    किस तरह हासिल करेंगे सफलता
    दो अंतरिक्षयान एसडीएक्स01 (चेजर) और अंतरिक्षयान एसडीएक्स02 (टारगेट) को ऐसी कक्षा में रखा जाएगा, जो उन्हें एक दूसरे से पांच किमी दूर रखेगी। बाद में इसरो मुख्यालय के विज्ञानी उन्हें तीन मीटर तक करीब लाने की कोशिश करेंगे, जिसके बाद उन्हें पृथ्वी से लगभग 470 किमी की ऊंचाई पर जोड़ा जाएगा। डाकिग की यह प्रक्रिया सोमवार को निर्धारित अंतरिक्षयानों के प्रक्षेपण के लगभग 10-14 दिन बाद जनवरी में होने की उम्मीद है।

    दोनों अंतरिक्षयानों में होंगे पेलोड
    एसडीएक्स 01 में हाई रिजॉल्यूशन कैमरा लगा है, जबकि एसडीएक्स 02 में दो पेलोड मिनिएचर मल्टीस्पेक्ट्रल पेलोड और रेडिएशन मॉनिटर पेलोड लगे हैं। ये पेलोड हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें, प्राकृतिक संसाधन निगरानी में मदद करेंगे। अंतरिक्षयान दो वर्षों तक पृथ्वी की परिक्रमा करेंगे।

    'सफलता की एक और कविता' रचने की भी होगी काशिश
    इस मिशन के साथ ही विज्ञानी पीओईएम-4 यानी पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल-4 के तहत प्रयोग भी करेंगे। भारत तीन बार इस तरह का प्रयोग पहले भी कर चुका है। इन प्रयोगों के लिए पीएसएलवी-सी60 अपने साथ 24 पेलोड लेकर जा रहा है। इनमें 14 विभिन्न इसरो प्रयोगशालाओं से और 10 प्राइवेट विश्वविद्यालयों और स्टार्ट अप से संबंधित हैं।

    अंतरिक्ष वातावरण में पालक के विकास का अध्ययन करने की योजना है। डेब्रिस कैप्चर रोबोटिक मैनिपुलेटर, अंतरिक्ष वातावरण में मलबे को कैप्चर करने की क्षमता प्रदर्शन करेगा। पहले इसरो ने पीएसएलवी सी-58 रॉकेट का इस्तेमाल कर पोएम-3 और पीएसएलवी-सी55 मिशन में पीओईएम-2 का उपयोग करके इसी तरह का सफल प्रयोग किया था।

    अंतरिक्ष कचरे की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी
    इसरो के पीओईएम मिशन से अंतरिक्ष कचरे की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। दरअसल पीओईएम इसरो का प्रायोगिक मिशन है, इसके तहत कक्षीय प्लेटफॉर्म के रूप में पीएस4 चरण का उपयोग करके कक्षा में वैज्ञानिक प्रयोग किया जाता है। पीएसएलवी चार चरणों वाला रॉकेट है। इसके पहले तीन चरण प्रयोग होने के बाद समुद्र में गिर जाते हैं और अंतिम चरण उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने के बाद अंतरिक्ष में कचरे/कबाड़ बन जाता है। पीओईएम के तहत रॉकेट के इसी चौथे चरण का इस्तेमाल वैज्ञानिक प्रयोग करने में किया जाएगा।

    एस सोमनाथ ने डॉकिंग को लेकर क्या जानकारी दी? 
    इसरो चीफ एस सोमनाथ ने इस मिशन पर जानकारी देते हुए कहा,"हमारे लिए, यह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किसी भी प्रक्षेपण यान का 99वां प्रक्षेपण है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। हम अगले साल की शुरुआत में सैटेलाइट की 100वीं लॉन्च करने जा रहे हैं।' इस 99वें प्रक्षेपण में PSLV-C60 ने 220 किलोग्राम वजन वाले 2 SpaDeX उपग्रहों को 475 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में 
    सफलतापूर्वक स्थापित किया। SpaDeX के कल से कई ऑपरेशन होंगे, इसकी गति को रोक दिया जाएगा और संभवतः 7 जनवरी को डॉकिंग की स्थिति में पहुंच जाएगा। आने वाले दिनों में डॉकिंग सिस्टम के बड़े और अधिक जटिल संस्करणों के प्रदर्शन सहित स्पाडेक्स की और भी किस्में होंगी।"

    News Desk

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह, 6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल….

    March 16, 2026

    मरीजों की सेहत से समझौता नहीं’ – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल…

    March 16, 2026

    ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक….

    March 16, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना….

    March 16, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.