Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»छत्तीसगढ़ गांव के उस तालाब की कहानी जिसका कभी नहीं सूखता पानी, पत्नी का अपमान और पति की जिद
    छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ गांव के उस तालाब की कहानी जिसका कभी नहीं सूखता पानी, पत्नी का अपमान और पति की जिद

    News DeskBy News DeskApril 20, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    छत्तीसगढ़ गांव के उस तालाब की कहानी जिसका कभी नहीं सूखता पानी, पत्नी का अपमान और पति की जिद
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    दुर्ग
    छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक गांव में स्थित एक तालाब की बड़ी चर्चा है। यह तालाब आज से 150 साल पहले बनवाया गया था और तब से लेकर आज तक यह कभी नहीं सूखा। भीषण गर्मी के मौसम में यह गांववालों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। दुर्ग शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर कंदरका गांव में स्थित इस तालाब को 'बड़ा तालाब'के नाम से लोग जानते हैं। यह तालाब वर्षों से लोगों के रोजाना पानी की जरूरतों और सिंचाई में मदद करता है। जब क्षेत्र के अन्य तालाब और संसाधन गर्मी के मौसम में सूख जाते हैं, तब यह आसपास के छह गांवों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

    क्या है इस तालाब की कहानी?
    दुर्ग लोकसभा सदस्य विजय बघेल ने भी कहा कि तालाब कभी नहीं सूखा और इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक योजना तैयार की जाएगी। स्थानीय निवासी जीवन लाल ने पीटीआई को बताया कि उनके नाना के परदादा गुरमिन गौटिया,जो उस समय एक जमींदार थे,ने अपनी पत्नी के लिए यह तालाब बनवाया था। उन्होंने कहा कि 150 साल पहले कंदरका में पानी की कमी थी और स्थानीय लोगों को अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पास के गांवों में जाना पड़ता था। गौटिया की पत्नी को नहाने के लिए 2 किलोमीटर दूर दूसरे गांव पैदल जाना पड़ता था। लाल ने कहा कि एक दिन,जब वह नहा रही थी,तो कुछ ग्रामीणों ने उस पर हंसते हुए कहा कि एक जमींदार भी अपने गांव में अपनी पत्नी के लिए पानी का इंतजाम नहीं कर सकता। वह तुरंत अपने गांव लौट आई और उसके सिर पर मिट्टी लगी हुई थी।

    पत्नी का वचन और पानी की खोज
    अपनी पत्नी को ऐसी हालत में देखकर,जमींदार ने कारण पूछा। उसने घटना सुनाई और अपने पति को बताया कि इसलिए वह अधूरा स्नान करके लौट आई। जमींदार की पत्नी इस घटना से इतनी आहत हुई कि उसने अपने गांव में तालाब बनने तक स्नान न करने का फैसला कर लिया। जीवन लाल ने बताया कि अपनी पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए,जमींदार ने एक तालाब बनाने की योजना बनाई,लेकिन समस्या यह थी कि इसे कहां खोदा जाए क्योंकि गांव में कोई भूमिगत जल स्रोत नहीं था। कहा जाता है कि भगवान उनकी मदद करते हैं जो अपनी मदद करते हैं। कुछ दिनों के संघर्ष के बाद,जमींदार ने गांव में दो-तीन दिनों से लापता कुछ मवेशियों पर मिट्टी और घास देखी। उसने सोचा कि जब गांव में पानी का कोई स्रोत नहीं है,तो मवेशियों के शरीर पर मिट्टी और घास कैसे लग गई। अगले दिन,जब गौटिया और अन्य ग्रामीणों ने कुछ मवेशियों का पीछा किया,तो वे एक ऐसी जगह पर पहुंचे जहां घास और मिट्टी थी। बाद में,उसी जगह को खोदा गया और उन्हें पानी का एक छोटा स्रोत मिल गया।

    कभी नहीं सूखता तालाब
    जीवन लाल ने आगे बताया कि तालाब खोदने का काम शुरू करने से पहले,जमींदार ने अपनी पत्नी को पूरे जलाशय के खुद जाने तक उसी छोटे से जल स्रोत का उपयोग नहाने के लिए करने के लिए राजी किया। लाल ने बताया कि कुल्हाड़ियों और फावड़ों से तालाब खोदने के लिए बाहर से करीब 100 मजदूर बुलाए गए थे और यह काम पांच महीने तक चला। तभी से,यह तालाब इलाके के लगभग आधा दर्जन गांवों के लिए पानी का एक निरंतर स्रोत बना हुआ है क्योंकि यह कभी नहीं सूखता। एक अन्य स्थानीय निवासी नरोत्तम पाल ने भी कहा कि तालाब कभी नहीं सूखा और यह कंदरका और आसपास के गांवों में खेतों की सिंचाई में मदद करता है,खासकर गर्मी के मौसम में जब अन्य जल स्रोत सूख जाते हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण कई सालों से इस तालाब का संरक्षण कर रहे हैं और उन्होंने इसके आसपास अतिक्रमण नहीं होने दिया है। जब दुर्ग लोकसभा सदस्य विजय बघेल से संपर्क किया गया,तो उन्होंने पीटीआई को बताया कि यह तालाब,जिसके बारे में माना जाता है कि यह एक सदी से भी ज़्यादा पुराना है,कभी नहीं सूखा है और भविष्य में इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक योजना तैयार की जाएगी। बघेल ने आगे कहा कि जैव विविधता बनाए रखने और भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए तालाबों का संरक्षण आवश्यक है।

    News Desk

    Related Posts

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का रहा है गौरवशाली अतीत – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    April 5, 2026

    विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए प्रत्येक माह लगाए मेडिकल कैंप – राज्यपाल रमेन डेका…..

    April 5, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक…..

    April 5, 2026

    100 दिवसीय टी बी मुक्त भारत अभियान  शहरी क्षेत्र में टी बी उन्मूलन हेतु निक्षय निरामय फेस 0.2 अंतर्गत शहरी क्षेत्र में शिविर का हुआ सफल आयोजन

    April 5, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान…..

    April 4, 2026

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 13.22 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का किया शुभारंभ…..

    April 4, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का रहा है गौरवशाली अतीत – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    April 5, 2026

    विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए प्रत्येक माह लगाए मेडिकल कैंप – राज्यपाल रमेन डेका…..

    April 5, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक…..

    April 5, 2026

    100 दिवसीय टी बी मुक्त भारत अभियान  शहरी क्षेत्र में टी बी उन्मूलन हेतु निक्षय निरामय फेस 0.2 अंतर्गत शहरी क्षेत्र में शिविर का हुआ सफल आयोजन

    April 5, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.