Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»ग्वालियर के मिंट स्टोन से बनी भगवान राम की 51 फीट की प्रतिमा जल्द ही रायपुर में लगाई जाएगी
    छत्तीसगढ़

    ग्वालियर के मिंट स्टोन से बनी भगवान राम की 51 फीट की प्रतिमा जल्द ही रायपुर में लगाई जाएगी

    News DeskBy News DeskJune 19, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ग्वालियर के मिंट स्टोन से बनी भगवान राम की 51 फीट की प्रतिमा जल्द ही रायपुर में लगाई जाएगी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर/ग्वालियर

     भगवान श्रीराम की 14 वर्षों की वन यात्रा आज भी भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का अहम हिस्सा है। श्रीराम ने अयोध्या से लेकर श्रीलंका तक का मार्ग जंगलों में व्यतीत किया, जिन स्थानों से वे गुज़रे वे आज राम वन गमन पथ के रूप में श्रद्धा का केंद्र हैं। भारत सरकार इस पथ पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को विकसित करने का कार्य कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 10 राज्यों के 248 स्थलों को सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से संवारा जा रहा है।

    रायपुर में लगेगी ग्वालियर में बनी मूर्ति

    अब इसी पथ पर ग्वालियर की भी महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज होने जा रही है। ग्वालियर के प्रसिद्ध मिंट स्टोन से बनी भगवान राम की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा जल्द ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निकट चंदखुरी में स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा वनवासी रूप में श्रीराम को दर्शाती है और इसे जाने-माने मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने तैयार किया है।

    7 महीने पहले मिला था काम

    इस विशाल प्रतिमा को आकार देने का जिम्मा छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 7 महीने पहले दीपक विश्वकर्मा को सौंपा था। उनकी टीम के 25 कलाकारों ने दिन-रात मेहनत करके इसे मूर्त रूप दिया है। यह प्रतिमा पूरी तरह ग्वालियर मिंट स्टोन से बनी है। अलग-अलग खंडों को जोड़कर एक अद्भुत और सजीव आकृति तैयार की गई है।

    वनवासी स्वरूप में है प्रतिमा

    इस मूर्ति की विशेषता है कि यह भगवान राम को वनवासी स्वरूप में दर्शाती है। उनकी वेशभूषा, पुष्पहार, रुद्राक्ष की 108 माला, खड़ाऊ आदि सभी को अत्यंत सूक्ष्मता और सुंदरता से पत्थर में उकेरा गया है। मूर्तिकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से डिजाइन पहले से तय थी और उसी के अनुसार इसे तैयार किया गया।

    मूर्ति में शिवरीनारायण की छवि भी दिखेगी

    राम वनगमन पथ में 9 जगहों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 7 जगहों चंदखुरी, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी हरिचौका, राजिम, चंपारण, नगरी सिहावा, रामगढ़ में मूर्तियां लगाईं। रामाराम (सुकमा) और तुरतुरिया (बलौदा बाजार) में विकास कार्य किया गया है। चंदखुरी को छोड़कर बाकी 6 जगहों पर 25 फीट की मूर्ति स्थापित की गईं हैं।

    मूर्ति निर्माण में आईं चुनौती

    दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, इस प्रतिमा का निर्माण अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। सबसे पहले विशाल पत्थर को काटकर ज़मीन पर बिछाया गया, फिर उसके ऊपर डिजाइन उकेरा गया। माप-तौल और ड्राइंग के बाद मूर्ति पर काम शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में लगभग 60-70 टन मिंट स्टोन का उपयोग हुआ, लेकिन कटाई और तराशने के बाद प्रतिमा का कुल वजन लगभग 30-35 टन रह गया। इस भव्य प्रतिमा के निर्माण में लगभग 72 लाख रुपये की लागत आई है। इसे रायपुर ले जाकर स्थापित करने में अतिरिक्त 22-25 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। यानी कुल मिलाकर यह करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी।

    25 कलाकारों ने 7 महीने में तैयार की मूर्ति

    छत्तीसगढ़ सरकार ने 7 महीने पहले दीपक विश्वकर्मा को इस मूर्ति को तैयार करने का जिम्मा सौंपा था. इस प्रतिमा को तैयार करने में दीपक विश्वकर्मा के साथ उनकी टीम के करीब 25 कलाकारों ने 7 महीने तक दिन रात मेहनत की है. इस पूरी प्रतिमा को ग्वालियर मिंट स्टोन से तैयार किया गया है. अलग-अलग पत्थरों को जोड़कर इसे एक स्वरूप दिया गया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रतिमा कैसी होनी चाहिए इसके बिंदु पहले ही बता दिए थे. ऐसे में उनके अनुसार ही इसे तैयार किया गया है.

    60-70 टन मिंट स्टोन का इस्तेमाल

    इस प्रतिमा में राम की सुंदरता और वनवासी रूप को दर्शाने के लिए पुष्प हार को पत्थर में ही उकेरा गया है. साथ ही प्रमुख आकर्षण रुद्राक्ष की माला है, जिसे 108 पत्थरों से रूप दिया गया है. खड़ाऊ भी अत्यंत आकर्षक बनाए गए हैं. इस प्रतिमा को बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दीपक को डिजाइन उपलब्ध कराया गया था. उसी डिजायन को दीपक ने पत्थर में हूबहू उकेरा है. इस प्रतिमा को तैयार करने के लिए 60-70 टन ग्वालियर मिंट स्टोन का इस्तेमाल किया गया. हालांकि, कांट छांट और प्रतिमा को स्वरूप देने में आधा पत्थर निकल गया फिर भी यह करीब 30 से 35 टन वजनी है.

    इससे पहले भी बनाई हैं प्रतिमाएं

    यह पहली बार नहीं है जब ग्वालियर में बनी राम प्रतिमा को राम वन गमन पथ पर स्थान मिला हो। इससे पहले भी दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई 25-25 फीट ऊंची दो प्रतिमाएं छत्तीसगढ़ में स्थापित की जा चुकी हैं। इन्हीं की गुणवत्ता और कलात्मकता को देखते हुए उन्हें 51 फीट ऊंची इस नई प्रतिमा का कार्य सौंपा गया। यह प्रतिमा राम वन गमन पथ पर अब तक लगाई गई 7 मूर्तियों में सबसे ऊंची है और जल्द ही इसकी स्थापना चंदखुरी में की जाएगी। यह न सिर्फ ग्वालियर के लिए गर्व की बात है, बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बनने जा रही है।

    चुनौतीपूर्ण रहा पत्थर से प्रतिमा का सफर

    भगवान राम की यह प्रतिमा अपने आप में अनोखी है और इसे बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं था. दीपक विश्वकर्मा ने बताया, "इस प्रतिमा का साइज अपने आप में चुनौती था. पहले मूर्ति के लिए पत्थर को काटा गया और उसे जमीन पर बिछाया गया. जिसके बाद इसकी ड्राइंग तैयार की गई. नाप तौल किया गया, क्योंकि डिजाइन के अनुसार 51 फीट की प्रतिमा बनाना आसान नहीं था, लेकिन पूरी टीम ने इसे सफलता पूर्वक पूरा किया." दीपक ने यह भी बताया, "मूर्ति को पास कर दिया गया है और आने वाले एक हफ्ते में यह मूर्ति रायपुर के लिए रवाना हो जाएगी."

    प्रतिमा पर 1 करोड़ होंगे खर्च

    जितनी भव्य और आकर्षक यह प्रतिमा है, उतना ही इसका खर्च भी है. 51 फीट ऊंची इस प्रतिमा को बनाने में करीब 72 लाख रुपए की लागत आई है. इसके बाद जब इसे रायपुर में लगाया जाएगा, तो वहां भी करीब 22-25 लाख रुपए का खर्च आएगा. यानी करीब एक करोड़ रुपए की लागत से राम वन गमन पथ पर ग्वालियर की यह प्रतिमा शोभा बढ़ाएगी.

    पहले भी लगाईं ग्वालियर में तैयार दो प्रतिमाएं

    ऐसा नहीं है कि यह पहली प्रतिमा है, जो राम वन गमन पथ पर ग्वालियर से तैयार होकर लगाई गई है. इससे पहले भी दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई भगवान राम के वनवासी रूप की दो प्रतिमाएं छत्तीसगढ़ में लग चुकी हैं, लेकिन उनकी ऊंचाई महज 25-25 फीट थी. उन्हीं प्रतिमाओं के आधार पर दीपक विश्वकर्मा को इस प्रतिमा का ऑर्डर मिला था. हालांकि, यह पहली प्रतिमा है, जो वहां लगाई गई 7 प्रतिमाओं में सबसे बड़ी है. 51 फीट ऊंची है. बाकी सभी 6 की ऊंचाई सिर्फ 25 फीट ही है. कुछ ही दिन में इसकी भी स्थापना हो जाएगी.

    News Desk

    Related Posts

    पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

    April 1, 2026

    एलपीजी बुकिंग संख्या में आई कमी, आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे हो रही सामान्य…..

    April 1, 2026

    पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार…

    April 1, 2026

    पुरुष फुटबॉल : छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने फाइनल में बनाई जगह, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन…

    April 1, 2026

    मंत्री नेताम ने बलरामपुर जिले के लिए वर्चुअल रूप से 9 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी…

    April 1, 2026

    दूध बेचने से लेकर पहला करियर गोल्ड जीतने तकः जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन की प्रेरणादायक कहानी…..

    April 1, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

    April 1, 2026

    एलपीजी बुकिंग संख्या में आई कमी, आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे हो रही सामान्य…..

    April 1, 2026

    पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार…

    April 1, 2026

    पुरुष फुटबॉल : छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने फाइनल में बनाई जगह, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन…

    April 1, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.