Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»ढाई महीने में ही टूटी गौ पेट्रोलिंग योजना की सांस
    मध्यप्रदेश

    ढाई महीने में ही टूटी गौ पेट्रोलिंग योजना की सांस

    By October 1, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ढाई महीने में ही टूटी गौ पेट्रोलिंग योजना की सांस
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल । मप्र की सडक़ों और हाइवे पर गौ वंश के कारण होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं और उसमें होने वाली मौतों को देखते हुए सरकार ने गौ पेट्रोलिंग योजना बनाई थी। इसके तहत सडक़ों से गायों को हटाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना था, लेकिन इस योजना की ढाई माह में ही इस कदर सांस टूटने लगी है कि इसे बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। दरअसल, योजना को आगे चलाने के लिए पशु संचालनालय ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
    गौरतलब है कि प्रदेश की सडक़ों और हाइवे पर निराश्रित गौ वंश को पकडऩे के लिए करीब ढाई महीने पहले बनी गौ पेट्रोलिंग योजना अपनी शुरूआत में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। विभागों की बेरूखी और उनमें आपसी तालमेल की कमी के चलते योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई है। आलम यह है कि योजना को आगे चलाने के लिए पशु संचालनालय ने हाथ खड़े कर दिए हैं। योजना तीस सितम्बर तक थी इसके बाद इसकी समीक्षा की जानी थी पर सोमवार तक योजना को आगे बढ़ाने के बारे में कोई फैसला नहीं हो पाया है। भोपाल समेत प्रदेश के 6 जिलो में राजमार्गों को कैटल फ्री करने के लिए एक जुलाई से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इन छह जिलों के नौ राजमार्गों पर एक जुलाई से 31 अगस्त तक 3 हजार 953 निराश्रित गौवंश को सडक़ों से उठाकर गौशालाओं में शिफ्ट किया गया। इस अवधि में सडक़ दुर्घटनाओं में 162 गौवंश की मौत हो गई और 510 गायें घायल हो गईं, जिनका चलित पशु चिकित्सा इकाई या स्थानीय पशु चिकित्सालय अमले के द्वारा उपचार किया गया।
    बारिश के मौसम में शहर और प्रदेश की सडक़ों पर बड़े पैमाने पर जमा हो रहे गौ वंश के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने और बड़े वाहनों की चपेट में आकर मरने वाले गौ वंश को सुरक्षित रूप से प्रदेश की गौ शालाओं में भेजने के लिए जुलाई माह के पहले सप्ताह से गौ पैट्रोलिंग योजना तैयार की गई थी। इस योजना में तय किया गया था कि पशु संचालनालय विभाग सडक़ों पर पेट्रोलिंग कर सडक़ों और आसपास के हाइवे से गौवंश को हटाकर उन्हें सुरक्षित रूप से गौशाला भेजगा। योजना से लोक निर्माण विभाग और नगरीय विकास विभाग को भी जोड़ा गया था। इन विभागों को भी अपने स्तर पर इस योजना को अमली जामा पहनाने में सहयोग करना था। इसके लिए पशु संचालनालय विभाग को दो वाहन भी उपलब्ध कराए गए थे। योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर भोपाल से शुरू किया गया था। भोपाल के परिणामों को देखकर इसे दूसरे शहरों में भी लागू किया जाना था। पहले महीने तो योजना ठीक-ठाक चली और सडक़ों से करीब सात सौ गौ वंश को पकडक़र आसपास की गौ शालाओं में भेजा गया पर इसके बाद योजना धीरे धीरे मंद होती चली गई।
    गौरतलब है कि सरकार ने बड़े जोश-खरोश के साथ योजना को शुरू किया था। लेकिन अब यह योजना पटरी से उतरने लगी है। इसका प्रमुख कारण विभाग के आला अधिकारियों का इसमें रूचि न लेना था। न तो लोक निर्माण विभाग ने इसमें रूचि ली और न ही नगरीय विकास विभाग ने अपेक्षित सहयोग किया। लिहाजा योजना पूरी तरह पशु संचालनालय विभाग पर निर्भर होकर रह गई। पायलट प्रोजेक्ट बनाते समय तय किया गया था कि योजना को अभी तीस सितम्बर तक चलाया जाएगा। इसके बाद पूरी योजना की समीक्षा की जाएगी। यह तिथि भी सोमवार को खत्म हो गई। जानकारी के मुताबिक अब तक योजना को लेकर कोई समीक्षा बैठक आयोजित नहीं की गई। वहीं पशु संचालनालय विभाग ने इस योजना को चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उसने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि उसके विभाग का काम मुख्य रूप से पशुओं का इलाज करना है। उसके पास इस योजना के लिए न तो पर्याप्त साधन है और न ही संसाधन और प्रशिक्षित अमला। विभाग कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रहा है। विभाग की ओर से लिखे पत्र में यह भी कहा गया है कि योजना में लोक निर्माण विभाग और नगरीय विकास विभाग से भी सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। अपनी दिक्कतों के बताने के साथ विभाग ने आगे योजना चलाने के लिए मार्गदर्शन भी मांगा है। योजना अब आगे चलेगी, इसे लेकर अब संशय की स्थिति बन गई है।

    Related Posts

    जमीन पर बैठकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनी लोगों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश…..

    May 7, 2026

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का प्रदेशव्यापी आयोजन 8 मई को , पूरे छत्तीसगढ़ में गूंजेंगी शहनाई, 2300 से अधिक जोड़े होंगे परिणय सूत्र आबद्ध….

    May 7, 2026

    उप मुख्यमंत्री ने 2.06 करोड़ की लागत से घोटिया विद्युत उपकेंद्र का किया भूमिपूजन…..

    May 7, 2026

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं…..

    May 7, 2026

    जन-जन की आस्था का सेतु बनी ‘रामलला दर्शन योजना’, श्रद्धा से सम्मान और आस्था से आत्मविश्वास तक की ऐतिहासिक यात्रा- पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल….

    May 7, 2026

    शिविर में ही समस्या का निराकरण हो जाना एक बड़ी उपलब्धि – मंत्री लखनलाल देवांगन….

    May 7, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    जमीन पर बैठकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनी लोगों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश…..

    May 7, 2026

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का प्रदेशव्यापी आयोजन 8 मई को , पूरे छत्तीसगढ़ में गूंजेंगी शहनाई, 2300 से अधिक जोड़े होंगे परिणय सूत्र आबद्ध….

    May 7, 2026

    उप मुख्यमंत्री ने 2.06 करोड़ की लागत से घोटिया विद्युत उपकेंद्र का किया भूमिपूजन…..

    May 7, 2026

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं…..

    May 7, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    May 2026
    M T W T F S S
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Apr    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.