Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान में अब जुड़ गया है जय अनुसंधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मध्यप्रदेश

    जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान में अब जुड़ गया है जय अनुसंधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    News DeskBy News DeskJanuary 3, 2025No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान में अब जुड़ गया है जय अनुसंधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल :31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय विज्ञान और परंपरा के गहरे संबंध हैं। भारत ने हमेशा अपने नेतृत्व से विज्ञान और नवाचार को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच ने भारतीय विज्ञान और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का आह्वान कर भारत को एक नई ऊर्जा दी। इस नारे ने न केवल भारत की रक्षा और कृषि को मजबूत किया, बल्कि राष्ट्र को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित भी किया। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने इस कड़ी में 'जय विज्ञान' को जोड़ा, जो भारत की वैज्ञानिक सोच और उपलब्धियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस श्रृंखला में 'जय अनुसंधान' जोड़ते हुए विज्ञान और नवाचार को एक नई दिशा दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान मात्र एक वर्ष में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण करना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और नेतृत्व की कुशलता को प्रदर्शित करती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के समय में हुए परमाणु परीक्षण (पोखरण) और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुई वैज्ञानिक प्रगति, दोनों ही यह दिखाते हैं कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलकर दुनिया के सामने अपनी योग्यता और क्षमता को सिद्ध किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवींद्र भवन में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को बाल प्रतिभाओं के विकास का बेहतरीन मंच बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले के डोंगला में स्थापित वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला में हुए नवीनीकरण कार्य एवं नए उपकरणों के साथ ऑटोमेशन कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने वीर भारत न्यास के रिसर्च जर्नल 'युगयुगीन भारत का पुरोवाक्' का विमोचन किया, साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा बनाई गई महादेव फिल्म सीरीज का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेन्द्र सिंह का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। वीडियो संदेश में केन्द्रीय मंत्री सिंह ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में आए बच्चों को श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने की प्रेरणा देकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विज्ञान और संस्कृति का यह समन्वय भारत को एक बार फिर से वैश्विक मंच पर सबसे आगे लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य आप सबके हाथों में है। विज्ञान, संस्कृति और परंपरा का संतुलन ही हमारे विकास का आधार है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 6 खाड़ी देशों और भारत के विभिन्न राज्यों से आये 700 बच्चों और शिक्षकों की भागीदारी ने इसे विशेष और ऐतिहासिक बना दिया है। यह आयोजन नई पीढ़ी को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोंगला वेधशाला के ऑटोमेशन के शुभारंभ पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिये खगोलीय रहस्यों को बेहतर तरीके से समझने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि भारत का खगोल विज्ञान प्राचीन काल से उन्नत थे। उन्होंने कहा कि नवग्रह की पूजा, ज्योतिष और खगोलीय घटनाओं का अध्ययन हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनविच समय की अवधारणा को पुन: परिभाषित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने समय और खगोलीय पिण्डों की परिक्रमा का अध्ययन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया था, जिसे आज के परिप्रेक्ष्य में पुन: परिभाषित करने की आवश्यकता है। रात के बारह बजे दिन की शुरूआत किसी भी दृष्टिकोण से वैज्ञानिक नहीं लगती। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हर हाथ को काम, हर खेत को पानी के साथ अब हर युवा को अनुसंधान के अवसर देने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम भारत के प्राचीन इतिहास और ज्ञान को न केवल संरक्षित करें, बल्कि इसे आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें। विज्ञान और संस्कृति की जुगलबंदी ने भारत को हजारों वर्षों से समृद्ध बनाए रखा। इसे पुनर्परिभाषित करने का समय आ गया है।

    मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव डॉ. श्रीराम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में पहली बार राज्य की प्राचीन भारतीय विरासत, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, कृषि, जल संरक्षण और उद्योग-व्यापार के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और संस्कृति को एक साथ जोड़ने के प्रयासों को नई ऊंचाई दी है। इसी क्रम में वीर भारत न्यास द्वारा दो महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। पुरोवाक् रिसर्च जर्नल भारतीय सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के विभिन्न आयामों पर केंद्रित होगा। इसका पहला अंक भारत की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और समाज वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। यह पत्रिका संस्कृति और विज्ञान के बीच के संबंधों को एक नए दृष्टिकोण से सामने लाने का प्रयास करेगी। वीर भारत यूट्यूब चैनल की नई सीरीज़ 'महा देव' शिव से जुड़े ब्रह्मांडीय और वैज्ञानिक पहलुओं पर आधारित है। महादेव का आदि ज्योर्तिलिंग अब तक के 84 कल्पों के महादेवों, ज्योतिर्लिंगों, एकादश रुद्रों, और ब्रह्मांडीय घटनाओं पर आधारित यह प्रस्तुति एक नई सोच को सामने लाएगी। इसके अलावा अपने शौर्य, रचनात्मकता तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संस्कारों से भारत को समृद्ध करने वाली विविध जनजातियों पर केन्द्रित सीरिज 'युग युगीन भारतवंशी' जिसमें सृष्टि की पुराकथा तथा पुराण कथाओं के भीतर अंतर्निहित विज्ञान और दर्शन सम्मत अवधारणाओं का संग्रह यह सीरीज़ प्राचीन भारतीय जनजातियों और उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक योगदान को रेखांकित करती है। वीर भारत न्यास की यह पहल भारतीय परंपरा और आधुनिकता के संगम की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

    अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे ने बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में लगातार नवाचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं उन्हें इस बात की खुशी है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शुरूआत भी इसी वर्ष उनके गृह नगर ग्वालियर में हुई थी। उन्होंने कहा कि भोपाल जैसी हरित एवं स्वच्छ राजधानी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के लिए एक सर्वथा आदर्श स्थल है।

    आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास जोशी ने बताया कि डोंगला की टेलिस्कोप के ऑटोमेशन के लिए आईआईटी इंदौर ने सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। इस सुविधा से देश का कोई भी नागरिक घर बैठे इसका उपयोग कर सकता है। उन्होंने आईआईटी इंदौर में साइंस एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी बाल वैज्ञानिकों को आईआईटी इंदौर भ्रमण करने का आमंत्रण भी दिया।

    विज्ञान भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार शर्मा ने कहा‍कि शोध एवं नवाचारों से नए-नए तथ्य सामने आते हैं। विज्ञान भारती विज्ञान एवं तकनीक को समाज के आनंद और खुशी के लिए खोज करने को बढ़ावा देती है। ऐसे अविष्कारों को बढ़ावा देती है, जो समाज में सकारात्मकता, शांति, सुख, समृद्धि में इजाफा करें, साथ ही पर्यावरण की वर्तमान चुनौती और समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि आशा है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पूरे देश से आए बाल वैज्ञानिक इन 4 दिनों में इस दिशा में अग्रसर होंगे।

    सचिव, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डॉ. अभय करंदीकर ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शुरूआत वर्ष 1993 में मध्यप्रदेश के ग्वालियर से ही हुई थी। यह केन्द्र सरकार का एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह उन बाल वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखरने का अवसर देती है, जो वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं का निदान करेंगी। इस बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम के अनुसार पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में कार्य करेंगे। यह कार्यक्रम बच्चों को विज्ञान और तकनीक के नए अविष्कार और खोज से जुड़ने की प्रेरणा देगा। पूरे देश से आए सभी बच्चे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने-अपने अनुभव को एक-दूसरे से साझा करें। डॉ. रश्मि शर्मा ने विज्ञान कांग्रेस में आए सभी अतिथियों, आगुंतकों एवं बाल वैज्ञानिकों का आभार माना।

    प्रदर्शनी का अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के शुभारंभ से पहले रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित बाल वैज्ञानिकों की मॉडल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रदर्शित विज्ञान मॉडल्स का बारीकी से अवलोकन किया, विजिटर बुक में रिमार्क लिखे और बाल वैज्ञानिकों की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित विज्ञान चित्र प्रदर्शनी का भी शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ मैत्री संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ सेल्फी भी ली।

    News Desk

    Related Posts

    श्सेवानिवृत्ति के दिन ही मिले सभी स्वत्व देयक और सम्मानजनक विदाई – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े…..

    August 10, 2026

    स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय में जिले के प्रभारी एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे ध्वजारोहण…..

    August 10, 2026

    रामलला दर्शन योजना से साकार हो रही श्रद्धालुओं की आस्था, कबीरधाम जिले के 898 श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन, निःशुल्क यात्रा से मिल रही आत्मिक संतुष्टि….

    August 10, 2026

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा, इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पंडवानी ने बांधा समां….

    August 10, 2026

    कैबिनेट सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सुधारात्मक उपायों पर की चर्चा….

    August 10, 2026

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक, छात्रवृत्ति स्वीकृति और जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश…..

    August 10, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    श्सेवानिवृत्ति के दिन ही मिले सभी स्वत्व देयक और सम्मानजनक विदाई – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े…..

    August 10, 2026

    स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय में जिले के प्रभारी एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे ध्वजारोहण…..

    August 10, 2026

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा, इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पंडवानी ने बांधा समां….

    August 10, 2026

    रामलला दर्शन योजना से साकार हो रही श्रद्धालुओं की आस्था, कबीरधाम जिले के 898 श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन, निःशुल्क यात्रा से मिल रही आत्मिक संतुष्टि….

    August 10, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.