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    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»आदर्श आचरण संहिता लागू रहने की अवधि में गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर जारी किए निर्देश, नहीं होंगी नई घोषणाएं
    छत्तीसगढ़

    आदर्श आचरण संहिता लागू रहने की अवधि में गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर जारी किए निर्देश, नहीं होंगी नई घोषणाएं

    News DeskBy News DeskJanuary 21, 2025No Comments6 Mins Read
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    आदर्श आचरण संहिता लागू रहने की अवधि में गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर जारी किए निर्देश, नहीं होंगी नई घोषणाएं
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    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के प्रमुख अजय सिंह ने सोमवार दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चुनाव की तारीखों की जानकारी दी। घोषणा के मुताबिक नगरीय निकाय चुनाव के लिए एक चरण में 11 फरवरी, जबकि पंचायत चुनाव तीन चरणों में 17, 20 और 23 फरवरी को मतदान होंगे। इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नगरपालिका और त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचनों की आदर्श आचरण संहिता लागू रहने की अवधि में गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

    बता दें कि आयोग ने इस पत्र में यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है कि सभी शासकीय समारोहों में आचार संहिता का कड़ाई से पालन किया जाए। गणतंत्र दिवस पर आदर्श आचरण संहिता के पालन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश इस प्रकार हैं:

        राजनीतिक पदाधिकारियों जैसे मुख्यमंत्री, राज्यों के मंत्री/सांसद/विधायक आदि समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से उपस्थित हो सकेंगे, किन्तु शर्त यह है कि वे अपने उद्बोधन में देश की स्वतंत्रता, भारत/छत्तीसगढ़ राज्य की महिमा, शहीदों की उपलब्धियों, देशभक्ति एवं प्रेरणादायी उद्बोधन तक ही सीमित रहेंगे। किसी भी स्थिति में राजनीतिक प्रचार-प्रसार की अनुमति नहीं होगी। उद्बोधन में राज्य की प्रचलित योजनाओं का उल्लेख किया जा सकेगा, किन्तु कोई भी नई घोषणा नहीं की जा सकेगी।

        मुख्यमंत्री/मंत्री/सांसद/विधायक या कोई अन्य राजनीतिक पदाधिकारी अपने गृह जिले या निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर शासकीय समारोहों में मुख्य अतिथि/अतिथि के रूप में उपस्थित हो सकेंगे। ऐसे राजनीतिक पदाधिकारी जो किसी निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने का इरादा रखते हैं, वे भी उस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी समारोह में अतिथि के रूप में शामिल नहीं हो सकेंगे।

        गणतंत्र दिवस के अवसर शासन की प्रचलित योजनाओं का झांकियों के रूप में प्रदर्शन किया जा सकेगा। झांकियों में राजनीतिक प्रतिनिधियों के चित्र नहीं लगाए जा सकेंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसी भी प्रकार की नई घोषणाएं नहीं की जा सकेंगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर कोई आपत्ति नहीं है, किन्तु यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रचार-प्रसार न हो।

        त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि जिनका कार्यकाल शेष है, वे अपने पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालय में ध्वजारोहण कर सकेंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित सभी समारोहों में आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

    छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू

    बता दें कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान, राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों पर कुछ पाबंदी लगाई जाती है, ताकि सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने में बराबर का मंच मिल सके। यह चुनाव प्रक्रिया खत्म होने तक बरकरार रहती है। आइए समझते हैं कि आचार सहिंता किन-किन पर लागू होती है और इसके उल्लंघन पर चुनाव आयोग क्या कार्रवाई कर सकता है।

    बता दें कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को आचार संहिता कहते हैं। भारतीय चुनाव आयोग आचार संहिता को राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार करता है। चुनाव आचार संहिता के नियम सिर्फ राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों पर ही लागू नहीं होते हैं। ये केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से वित्तपोषित सभी संगठनों, समितियों, निगमों, आयोगों जैसे डीडीए, जल बोर्ड आदी पर भी लागू होती है। इन संगठनों का अपनी उपलब्धियों का विशिष्ट रूप से विज्ञापन करना या नई सब्सिडी की घोषणा करना भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।

    चुनाव आचार संहिता में किन चीज़ों पर मनाही है?

        आचार संहिता लागू होते ही सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फायदा पहुंचता हों।
        सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है।
        सरकारी वाहन किसी दल या प्रत्याशी के हितों को लाभ पहुंचाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
        सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं।
        प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी अधिकारियों/पदाधिकारियों के ट्रांसफर और तैनाती पर प्रतिबंध होगा।
        प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी खजाने से पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन पर खर्च नहीं किया जा सकता।
        सत्ताधारी पार्टी ने अपनी उपल्बिधियों वाले जो होर्डिंग/विज्ञापन सरकारी खर्च से लगवाएं हैं, उन सभी को तुरंत हटा दिया जाएगा।
        किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने की पूर्व अनुमति पुलिस से लेना अनिवार्य होगा।
        कोई भी राजनीतिक दल जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है।
        संबंधित राज्य/केंद्रीय सरकार की आधिरकारिक वेबसाइटों से मंत्रियों/राजनेताओं/राजनीतिक दलों के सभी संदर्भों को निकाल दिया जाता है।
        कृषि-संबंधी उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए सत्ताधारी पार्टी को चुनाव आयोग से परामर्श करना होगा।

    सरकार नहीं कर सकती ट्रांसफर-पोस्टिंग

    आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की ट्रांसफर-पोस्टिंग सरकार नहीं कर सकती है। ट्रांसफर कराना बहुत जरूरी हो गया हो, तब भी सरकार बिना चुनाव आयोग की सहमति के ये निर्णय नहीं ले सकती है। इस दौरान राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त जरूरत के हिसाब से अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग कर सकते हैं।

    चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर क्या होगा?

    चुनाव आचार संहिताके नियमों का पालन करना सभी राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है। आचार संहिता के उल्लंघन को आयोग द्वारा गंभीरता से लिया जाएगा। चुनाव आयोग उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी या राजनीतिक दल पर कार्रवाई कर सकता है। संबंधित अधिकारी, जिसके क्षेत्र में उल्लंघन हुआ, उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से भी रोक सकता है। जरूरी होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। उल्लंघन करने पर जेल जाने तक के प्रावधान भी हैं। उदाहरण के लिए किसी वाहन, जिसके लिए किसी उम्मीदवार के नाम पर चुनाव प्रचार हेतु अनुमति ली गई है, का दूसरे उम्मीदवार द्वारा प्रचार में इस्तेमाल होना आचार संहिता का उल्लंघन है। ऐसे मामलों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 171ज के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    News Desk

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