Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»झूठे आरोप और भ्रष्ट साज़िश: मधु तिवारी को फंसाने की गहरी चाल उजागर, हाईकोर्ट जाएंगी पीड़िता
    छत्तीसगढ़

    झूठे आरोप और भ्रष्ट साज़िश: मधु तिवारी को फंसाने की गहरी चाल उजागर, हाईकोर्ट जाएंगी पीड़िता

    News DeskBy News DeskJuly 15, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    झूठे आरोप और भ्रष्ट साज़िश: मधु तिवारी को फंसाने की गहरी चाल उजागर, हाईकोर्ट जाएंगी पीड़िता
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रविवार को खोला गया कार्यालय! मधु तिवारी की सेवा समाप्ति में बैकडेट की बू…

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का राज्य कार्यालय अवकाश के दिन ‘खुला’, आदेश की वैधता पर सवाल

    धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें विभाग की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के झूठे आरोप, और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप लगा है। इस पूरे मामले में एक अकेली महिला कर्मचारी मधु तिवारी को बलि का बकरा बनाया गया, जबकि पूरी चयन समिति और शीर्ष अधिकारियों की भूमिका पर कोई सवाल नहीं उठाया गया।

    स्वास्थ्य विभाग में एक महिला कर्मचारी को सुनियोजित तरीके से झूठे आरोपों में फंसाने और मानसिक प्रताड़ना देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले एक अपराधिक मामले में जेल जा चुके टोमन कौशिक ने रिहाई के बाद मधु तिवारी के खिलाफ आरटीआई डालनी शुरू की और झूठे आरोप लगाकर उसका करियर खराब करने की कोशिश की। मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि इस साज़िश में धमतरी के सीएमएचओ डॉ. यू.एल कौशिक और डीपीएम डॉ. प्रिया कँवर की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि टोमन कौशिक को विभाग से निकाले जाने के बावजूद दोबारा नौकरी पर रखा गया और उसकी नियुक्ति में प्रक्रियाओं को नजरअंदाज़ किया गया।

    चयन समिति ही जांचकर्ता बन गई
    शिकायतकर्ता ने जिस भर्ती में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है उसके चयन समिति ने भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया, उसी से जांच भी करवा ली गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। यही नहीं, जांच रिपोर्ट राज्य कार्यालय भेजते समय तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.डीके तुर्रे का बयान तक नहीं लिया गया और अधूरी जानकारी भेजी गई। यह मामला न सिर्फ विभागीय भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह से व्यक्तिगत दुश्मनी और पद के दुरुपयोग के ज़रिए एक महिला कर्मचारी को मानसिक और पेशेवर रूप से निशाना बनाया गया।

    बर्खास्त टोमन कौशिक की वापसी और झूठे आरोपों की शुरुआत

    सूत्रों के अनुसार, विभाग से निकाले गए कर्मचारी टोमन कौशिक, जो एक आपराधिक मामले में जेल जा चुका है, ने रिहाई के बाद मधु तिवारी के खिलाफ आरटीआई डालना और झूठे आरोप लगाना शुरू किया। इस साजिश में सीएमएचओ डॉ. यूएल कौशिक और डीपीएम डॉ. प्रिया कँवर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि इन्हीं अफसरों ने टोमन को फिर से विभाग में नौकरी दिलाई, और तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी तक को गुमराह किया। नम्रता गांधी से टोमन कौशिक को मिले कार्य सुधार नोटिस को छिपाया गया और उसका काम अच्छा है यह झूठी जानकारी दी गई।

    चयन समिति बनी जांचकर्ता – न्याय की हत्या?

    जिस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता के आरोप लगे हैं, उसका संचालन चयन समिति ने किया था, जिसमें: तत्कालीन सीएमएचओ डॉ डी.के तुर्रे, डीपीएम राजीव बघेल और समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि उसी चयन समिति के डॉ.विजय फुलमाली, डॉ.टीआर ध्रुव, डीपीएम प्रिया कंवर को ही जांच सौंप दी गई, जो स्पष्ट रूप से प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के खिलाफ है। बाद में डीपीएम प्रिया कंवर ने खुद को जांच से अलग करने पत्र दिया था। उसके बाद डॉ.विजय फुलमाली और डॉ.टीआर ध्रुव की बनाई कथित जांच रिपोर्ट को ही राज्य कार्यालय भेज दिया गया।

    ”एक व्यक्ति अपने ही निर्णय का न्याय नहीं कर सकता।”

    एक ही कर्मचारी पर दोष क्यों? यदि चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो सवाल यह उठता है कि — क्या सिर्फ मधु तिवारी उस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती थीं? फिर चयन समिति, तत्कालीन सीएमएचओ, और डीपीएम को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया गया? क्यों इनके खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई?

    कार्रवाई पर संदेह क्यों?

    रविवार को सेवा समाप्ति आदेश जारी:
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का राज्य कार्यालय सामान्यत: अवकाश के दिन बंद रहता है, लेकिन मधु तिवारी की सेवा समाप्ति का आदेश रविवार को जारी किया गया — स्पष्ट संकेत कि आदेश बैकडेट में तैयार किया गया।

    विधानसभा प्रश्न से ठीक पहले कार्रवाई:
    धमतरी के विधायक ओमकार साहू ने विधानसभा में भर्ती घोटाला और 15वें वित्त आयोग की खरीदी में भ्रष्टाचार को लेकर तारांकित प्रश्न लगाया था। इससे एक दिन पहले ही मधु तिवारी पर कार्रवाई कर दी गई — क्या यह राजनीतिक जवाबदेही से बचाव की कोशिश थी?

    जांच नहीं, सीधे दंड:
    मधु तिवारी पर कार्रवाई बिना किसी स्वतंत्र जांच या सुनवाई प्रक्रिया के की गई — जबकि वही चयन समिति जांच कर रही थी जिसने भर्ती की थी।
    यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।

    बर्खास्त कर्मचारी की शिकायत पर कार्रवाई:
    शिकायतकर्ता टोमन कौशिक पहले ही जेल जा चुका है, और उसकी बर्खास्तगी हुई थी। फिर भी उसी की शिकायत पर कार्रवाई की गई।

    क्या पूरा भर्ती घोटाला एक अकेले कर्मचारी ने किया, या फिर उसे बलि का बकरा बनाकर उच्च अधिकारियों को बचाया जा रहा है?

    अब हाईकोर्ट की शरण में मधु तिवारी

    अपने सम्मान, नौकरी और सच्चाई के लिए लड़ रही मधु तिवारी ने अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला किया है।
    उनका कहना है कि ”अगर मुझे ही दोषी ठहराया जा रहा है, तो क्या चयन समिति, सीएमएचओ और डीपीएम जैसे उच्च पदों पर बैठे लोग इस पूरी प्रक्रिया से अछूते हैं?”

    यह सिर्फ एक कर्मचारी का मुद्दा नहीं, यह सिस्टम की साजिश है।

    यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत प्रताड़ना का है, बल्कि सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ और न्याय व्यवस्था की अनदेखी का बड़ा उदाहरण है।

    अब देखने वाली बात यह होगी कि हाईकोर्ट में सच कितना उजागर होता है, और क्या इस मामले में वास्तविक दोषियों को सज़ा मिलेगी, या फिर एक बार फिर किसी को बलि का बकरा बना दिया जाएगा?

    1.एक कर्मचारी पर सारा दोष क्यों? भर्ती साज़िश में बड़े अफसर भी शक के घेरे में
    2. भर्ती घोटाले की जांच अधूरी, सीएमएचओ और डीपीएम की भूमिका पर उठे सवाल
    3. बर्खास्त कर्मचारी की शिकायत पर कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों बचाया गया?
    4. टोमन कौशिक के आरोपों पर कार्रवाई, लेकिन चयन समिति कैसे निर्दोष?
    5. धमतरी भर्ती विवाद: चयन करने वाले अफसर ही जांचकर्ता, क्या यही न्याय है?
    6. सीएमएचओ-डीपीएम की संदिग्ध भूमिका, मधु तिवारी को बनाया गया बलि का बकरा
    7. एकतरफा जांच या सोची-समझी साज़िश? भर्ती विवाद में अफसर क्यों हैं बाहर?

    News Desk

    Related Posts

    सुपोषित महिलाएं, स्वस्थ बच्चे और सक्षम पीढ़ी से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़, मातृत्व से बाल्यावस्था तक पोषण और स्वास्थ्य पर फोकस, योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक संबल…..

    September 24, 2026

    दूध नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 16.15 करोड़ स्वीकृत, कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग में बनेगा उच्च स्तरीय पुल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारी…..

    September 24, 2026

    विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल, लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव….

    September 24, 2026

    जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अभियान का उद्देश्य : प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन….

    September 24, 2026

    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 24, 2026

    युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 24, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सुपोषित महिलाएं, स्वस्थ बच्चे और सक्षम पीढ़ी से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़, मातृत्व से बाल्यावस्था तक पोषण और स्वास्थ्य पर फोकस, योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक संबल…..

    September 24, 2026

    दूध नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 16.15 करोड़ स्वीकृत, कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग में बनेगा उच्च स्तरीय पुल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारी…..

    September 24, 2026

    विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल, लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव….

    September 24, 2026

    जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अभियान का उद्देश्य : प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन….

    September 24, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.