Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»जापान से आए एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने देखा छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत का वैभव, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर ने किया अभिभूत……
    छत्तीसगढ़

    जापान से आए एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने देखा छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत का वैभव, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर ने किया अभिभूत……

    News DeskBy News DeskSeptember 14, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    जापान से आए एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने देखा छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत का वैभव, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर ने किया अभिभूत……
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड  ने जापान के मत्सुयामा स्थित एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष हेरिटेज टूर का आयोजन किया। अकादमिक एवं शोध सहयोग के उद्देश्य से 12 से 14 सितंबर 2026 तक एनआईटी रायपुर द्वारा होस्ट किए गए जापानी डेलीगेशन ने 14 सितंबर को प्राचीन ऐतिहासिक नगरी  सिरपुर का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ की उस विरासत को करीब से जाना, जिसमें बौद्ध, हिंदू और जैन संस्कृति का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।

     

    मुख्य हॉस्पिटैलिटी एवं आयोजन सहयोगी के रूप में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए सिरपुर में विशेष हेरिटेज टूर की व्यवस्था की। डेलीगेशन को सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला, पुरातात्विक महत्व और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने के लिए विशेषज्ञ स्थानीय गाइड की सेवाएं ली गईं। साथ ही जापानी मेहमानों की खान-पान संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष हॉस्पिटैलिटी एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई।

    सिरपुर – इतिहास, धर्म और स्थापत्य का अद्भुत संगम

    महानदी के तट पर बसा सिरपुर प्राचीन काल में  श्रीपुर  के नाम से जाना जाता था और दक्षिण कोसल की राजधानी के रूप में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा। वर्तमान सिरपुर में हुए पुरातात्विक उत्खननों से बौद्ध विहारों, हिंदू मंदिरों, जैन अवशेषों तथा अन्य प्राचीन संरचनाओं का विस्तृत संसार सामने आया है। यहां बौद्ध, हिंदू और जैन परंपराओं से जुड़े अनेक पुरातात्विक अवशेष मौजूद हैं।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के लिए आयोजित किया विशेष हेरिटेज टूर

    जापानी प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक नगरी के प्रमुख विरासत स्थलों का भ्रमण करते हुए यहां की स्थापत्य परंपरा और प्राचीन सांस्कृतिक जीवन को समझा। उनके लिए यह भ्रमण केवल पर्यटन नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच अकादमिक, सांस्कृतिक और विरासत संवाद का एक जीवंत अनुभव रहा।

    लक्ष्मण मंदिर – ईंटों में उकेरी अद्भुत स्थापत्य कला

    डेलीगेशन के भ्रमण का प्रमुख आकर्षण लक्ष्मण मंदिर रहा। लगभग सातवीं शताब्दी से संबद्ध यह मंदिर भारत के उत्कृष्ट प्राचीन ईंट निर्मित मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की वास्तुकला, अलंकरण और ईंटों पर की गई बारीक कारीगरी सिरपुर की स्थापत्य कला को प्रदर्शित करती है। मंदिर परिसर में पुरातात्विक महत्व की अनेक प्रतिमाएं और अवशेष भी संरक्षित हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंदिर की संरचना, गर्भगृह, अंतराल और मंडप सहित इसकी स्थापत्य विशेषताओं को देखा तथा स्थानीय गाइड से मंदिर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों की जानकारी प्राप्त की।

    आनंद प्रभु कुटी विहार ने बताया सिरपुर का बौद्ध वैभव

    इसके बाद डेलीगेशन ने आनंद प्रभु कुटी विहार का भ्रमण किया। यह सिरपुर के प्रमुख बौद्ध पुरातात्विक स्थलों में शामिल है। विहार की संरचना में केंद्रीय प्रांगण के चारों ओर कक्षों की व्यवस्था तथा सुंदर नक्काशीदार स्थापत्य तत्व दिखाई देते हैं। यहां बुद्ध की प्रतिमा और पद्मपाणि अवलोकितेश्वर से संबंधित कलात्मक अवशेष इसकी बौद्ध विरासत को विशेष बनाते हैं। उपलब्ध पुरातात्विक विवरणों के अनुसार यहां 14 कक्षों वाला मठीय परिसर रहा है।

    जापानी विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने यहां प्राचीन बौद्ध शिक्षा, मठीय जीवन और स्थापत्य परंपरा के बारे में जानकारी ली। यह स्थल उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि जापान की अपनी सांस्कृतिक परंपरा में भी बौद्ध दर्शन और कला का गहरा प्रभाव रहा है।

    स्वास्तिक विहार – प्राचीन वास्तु योजना का अनूठा उदाहरण

    डेलीगेशन ने स्वास्तिक विहार का भी अवलोकन किया। अपने विशिष्ट स्वास्तिकाकार विन्यास के कारण यह विहार सिरपुर की पुरातात्विक विरासत में विशेष पहचान रखता है। उत्खनन से यहां बुद्ध एवं पद्मपाणि से संबंधित प्रतिमाएं और अन्य बौद्धकालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने विहार की संरचना और प्राचीन वास्तु योजना को समझा तथा यह जाना कि सदियों पूर्व सिरपुर किस प्रकार धार्मिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा होगा।

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के लिए आयोजित किया विशेष हेरिटेज टूर

    तीवरदेव महाविहार में दिखा बौद्ध और भारतीय कला का समन्वय

    हेरिटेज टूर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तीवरदेव महाविहार रहा। सिरपुर के प्रमुख बौद्ध स्मारकों में शामिल इस परिसर की कला में बौद्ध एवं हिंदू परंपराओं का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। यहां बुद्ध प्रतिमाओं के साथ गंगा-यमुना, गजलक्ष्मी, पौराणिक एवं अन्य अलंकरणात्मक शिल्प दिखाई देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस स्थल को भारतीय सांस्कृतिक समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और यहां की कलात्मक विशेषताओं को करीब से देखा। यह अनुभव विशेष रूप से अकादमिक एवं शोध पृष्ठभूमि से आए सदस्यों के लिए ज्ञानवर्धक रहा।

    पुरातात्विक विरासत के विस्तृत संसार से हुए परिचित

    सिरपुर में अब तक हुए उत्खननों से अनेक बौद्ध विहारों, शिव एवं विष्णु मंदिरों तथा जैन परंपरा से जुड़े अवशेषों का पता चला है। यहां 12 बौद्ध विहार, एक जैन विहार, बुद्ध एवं महावीर की प्रतिमाओं के साथ अनेक शिव और विष्णु मंदिरों के अवशेष सामने आए हैं। इसी समृद्ध पुरातात्विक परिदृश्य को जापानी डेलीगेशन ने स्थल पर पहुंचकर अनुभव किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्राचीन ईंट निर्माण, मूर्तिकला, विहारों की योजना और मंदिर स्थापत्य को विशेष रुचि के साथ देखा तथा कई स्थलों की जानकारी और दस्तावेजीकरण में भी रुचि दिखाई।

    अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हेरिटेज टूर को केवल स्मारक भ्रमण तक सीमित न रखते हुए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से जोड़ने का भी प्रयास किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल के खान-पान की पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष भोजन व्यवस्था की गई तथा स्थानीय गाइडों ने सरल एवं रोचक तरीके से सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। इस दौरान जापानी विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने सिरपुर की प्राचीनता, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विविधता में विशेष रुचि दिखाई। उनके लिए यह अनुभव भारत की विरासत को अकादमिक अध्ययन और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर बना।

    एनआईटी रायपुर ने सराहा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का सहयोग

    एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सिरपुर भ्रमण के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा की गई व्यवस्थाओं और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बोर्ड की ओर से किए गए समन्वय और आतिथ्य ने जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के लिए इस सांस्कृतिक यात्रा को सहज, यादगार और ज्ञानवर्धक बनाया।

    उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए इस तरह के हेरिटेज टूर केवल पर्यटन अनुभव नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक और अकादमिक संवाद को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से प्रतिनिधिमंडल को सिरपुर की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने और अनुभव करने का अवसर मिला।

    वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सिरपुर को स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल का सिरपुर भ्रमण छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का यह प्रयास राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को केवल घरेलू पर्यटन स्थलों के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक यात्रियों, शोधार्थियों और सांस्कृतिक अध्येताओं के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    सिरपुर जैसे विरासत स्थलों में इतिहास, धर्म, कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक सह-अस्तित्व की ऐसी कहानी समाहित है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा को विश्व के सामने प्रस्तुत करने की व्यापक संभावनाएं रखती है। जापान के विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों का यह भ्रमण इसी वैश्विक सांस्कृतिक संवाद की एक सार्थक कड़ी बना, जिसने छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और जापान की अकादमिक दुनिया के बीच एक नया सेतु तैयार किया।

    7958/दीपक

    News Desk

    Related Posts

    गणपति बप्पा की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर बस्तर की महिलाओं ने हुनर से कमाए 1.80 लाख रुपए…..

    September 14, 2026

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की वर्चुअल बैठक….

    September 14, 2026

    बलरामपुर जिले में सेवा और स्नेह का अनूठा संकल्प, आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्नों के लिए होगा खिलौना दान…..

    September 14, 2026

    गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये….

    September 14, 2026

    शासकीय निवास में विधि-विधान से विराजे भगवान गणेश, मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं……

    September 14, 2026

    ग्राम छुई में ग्रामीणों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सुनी समस्याएं और विकास की मांगों पर की घोषणाएं….

    September 14, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    गणपति बप्पा की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर बस्तर की महिलाओं ने हुनर से कमाए 1.80 लाख रुपए…..

    September 14, 2026

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की वर्चुअल बैठक….

    September 14, 2026

    बलरामपुर जिले में सेवा और स्नेह का अनूठा संकल्प, आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्नों के लिए होगा खिलौना दान…..

    September 14, 2026

    गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये….

    September 14, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.