Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Hint24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Hint24
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»राज्यपाल के हाथों वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को मिली पीएचडी की डिग्री
    छत्तीसगढ़

    राज्यपाल के हाथों वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को मिली पीएचडी की डिग्री

    By August 8, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    राज्यपाल के हाथों वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को मिली पीएचडी की डिग्री
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर

     हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के शोधार्थी रतन लाल डांगी (वरिष्ठ आईपीएस) ने बीआईटी भिलाई के ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रामेन डेका के हाथों डॉक्ट्रेट (पीएचडी) की डिग्री प्राप्त की. बता दें कि डांगी ने अपना शोध कार्य निर्देशक डी. सुनीता मिश्रा, विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान शासकीय नवीन महाविद्यालय खुर्सीपार भिलाई एवं सहायक निर्देशक डॉ. प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, सेठ आरसीएम कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय दुर्ग के निर्देशन में पूरा किया है.

    आईपीएस डांगी के शोध का टॉपिक था “छत्तीसगढ़ में माओवादी समस्या के उन्मूलन में सहायक पुलिस आरक्षकों की भूमिका (जिला बीजापुर के संदर्भ में)”. ज्ञात रहे डांगी ने अपने कैरियर की शुरुआत देश के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर संभाग से ही की थी. वो एसडीओपी उत्तर बस्तर कांकर एसपी पश्चिम बस्तर बीजापुर, एसपी उत्तर बस्तर कांकेर, एसपी बस्तर, डीआईजी उत्तर बस्तर कांकेर एवं दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में पदस्थ रहे हैं. इन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरी समस्या माओवाद को नजदीक से देखा है एवं इसका मुकाबला भी किया है. जिला बीजापुर में पुलिस अधीक्षक रहते हुए नक्सलियों के विरुद्ध अभियानों का नेतृत्व करने से उनको राष्ट्रपति द्वारा दो बार पुलिस वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है.

    माओवादियों के विरुद्ध आदिवासियों का स्व स्पूर्त जन आंदोलन सलवा जुडूम के समय डांगी बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक थे. उस दौरान माओवादियों ने आदिवासियों के राहत शिविरों एवं सलवा जुडूम नेताओं पर लगातार हमले कर रहे थे. उनकी सुरक्षा के लिए सरकार ने स्थानीय युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त किया. इन युवाओं (एमपीओ) के सहयोग से पुलिस ने सघन नक्सल विरोधी अभियान चलाया, जिससे नक्सलियों के बस्तर से पैर उखड़े. उनके समर्थकों ने विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की ,जिस पर सुनवाई में न्यायालय ने एसपीओ की नियुक्तियों को अवैध ठहराकर सरकार को तुरंत इनकी नियुक्ति को निरस्त करने के निर्देश दिए.

    स्थानीय युवाओं की नक्सल विरोधी लड़ाई में उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सहायक सशस्त्र पुलिस बल अधिनियम बनाकर सभी एसपीओ को सहायक पुलिस आरक्षक के पद पर नियुक्त करके सीटीजेडब्ल्यू में विशेष प्रशिक्षण दिलाकर नक्सल मोर्चे पर तैनात कर दिया. इन सहायक पुलिस आरक्षकों की मदद से पुलिस को नक्सल विरोधी अभियानों में अपार सफलताएं मिली. नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र भी सिकुड़ने लगा था.

    डांगी ने अपने शोध में भी यह पाया कि 99 प्रतिशत युवाओं ने एसपीओ सहायक पुलिस आरक्षक बनने का कारण में नक्सलियों को खत्म करने एवं क्षेत्र के विकास करने को बताया है. 90 प्रतिशत युवाओं ने यह माना कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने से स्वयं के साथ ही परिवार ने प्रगति की है. 85 प्रतिशत युवाओं ने माना कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने के बाद से उनके गाँव में विकास कार्य हुए हैं. 92 प्रतिशत युवाओं ने माना है कि उनके सहायक पुलिस आरक्षक बनने से नक्सली वारदातों में कमी आई है. 94 प्रतिशत का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है.

    शोध के दौरान 96 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि उनके पारिवारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि में भी सुधार आया है. 91 प्रतिशत सहायक पुलिस आरक्षकों का कहना है कि उनके इस पद पर नियुक्ति से क्षेत्र के युवाओं का नक्सलियों से मोहभंग हुआ है. साथ ही 91 प्रतिशत का कहना है कि इससे उनके क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं. छत्तीसगढ़ में 2011 के बाद सहायक पुलिस आरक्षकों की नियुक्ति से लगातार नक्सली घटनाओं में कमी आई है. सुरक्षा बलों, आमजनों की मौतों में भी कमी आई है। साथ ही नक्सलियों की मौतों, गिरफ्तारियों एवं उनके आत्म समर्पण की संख्याएं बढ़ी है. क्षेत्र में विकास कार्यों ने भी गति पकड़ी है. डांगी का कहना है कि इस प्रकार की समस्याओं (सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक) का समाधान स्थानीय युवाओं की सहभागिता से ही संभव है. बता दें कि रतन लाल डांगी वर्तमान में राज्य पुलिस अकादमी में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं.

    Related Posts

    बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा…..

    June 19, 2026

    पीएम-किसान की 20वीं किस्त कल होगी जारी, छत्तीसगढ़ के 24.52 लाख किसानों को मिलेंगे 490.54 करोड़ रुपये…..

    June 19, 2026

    मोदी सरकार के 12 वर्ष- विकास, जनकल्याण और सुशासन की उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन….

    June 19, 2026

    संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता….

    June 19, 2026

    मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन…..

    June 19, 2026

    टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा….

    June 19, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा…..

    June 19, 2026

    पीएम-किसान की 20वीं किस्त कल होगी जारी, छत्तीसगढ़ के 24.52 लाख किसानों को मिलेंगे 490.54 करोड़ रुपये…..

    June 19, 2026

    मोदी सरकार के 12 वर्ष- विकास, जनकल्याण और सुशासन की उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन….

    June 19, 2026

    संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता….

    June 19, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Mansoor Hasan
    मोबाइल - +91 9300847172
    ईमेल - [email protected]

    कार्यालय

    छत्तीसगढ़ - 40/504 , EVERGREEN CHOWK , BAIJANTAHAPARA , Raipur - CG

    मध्यप्रदेश - NOORMAHAL, PATHAR WALI GALI NO. 02, BHOPAL Dist.-BHOPAL
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.